दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने विस्फोट वाली जगह के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो i20 कार को लेकर चौकाने वाले तथ्य सामने आए.
यह कार 10 नवंबर की दोपहर 3:19 बजे लाल किले के पास स्थित मुगलकालीन सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में दाखिल हुई थी और यहां करीब 3 घंटे तक खड़ी रही.
शाम 6:48 बजे कार यहां बाहर निकली और महज 4 मिनट बाद, 6:52 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग के ट्रैफिक सिग्नल पर इसमें विस्फोट हो गया.
जांच एजेंसियों को मस्जिद की पार्किंग में कार का इतने लंबे समय तक रुकना संदिग्ध लग रहा है. उन्हें इस बात का शक है कि हो सकता है मस्जिद की पार्किंग में ही कार के अंदर विस्फोटक प्लांट किय हो.
ब्लास्ट से ठीक पहले की तस्वीर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जारी की है, जिसमें कार सुनहरी मस्जिद के पास सड़क पर जाती हुई साफ दिख रही है.
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के तार फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े हैं, जिसका भंडाफोड़ 9 नवंबर की रात को हुआ था.
खुफिया एजेंसियों को शक है कि i20 कार में आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद सवार था.
पुलिस कार में सवार मृत व्यक्ति का डीएनए टेस्ट करवाएगी, जिसके बाद पुष्टि होगी कि वह डॉक्टर उमर ही था या नहीं. धमाके के वक्त कार में तीन संदिग्ध सवार थे, जिनकी पहचान की कोशिश जांच एजेंसियों कर रही हैं.